शादी के कई साल बीत गए थे, लेकिन हमें संतान का सुख नहीं मिल रहा था। हमने अनगिनत डॉक्टर दिखाए, इलाज कराए, दवाइयाँ बदलीं, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। परिवार और समाज के ताने सुन-सुनकर दिल टूट गया था। एक दिन मेरी एक सहेली ने कहा—“सीमा, तुम बाबा मोहन राम से प्रार्थना करो। उनकी कृपा से कई घरों में संतान सुख आया है।” मैंने उसकी बात सुनी, लेकिन भीतर से संशय था। फिर भी, मन की पीड़ा इतनी बड़ी थी कि मैंने बाबा का नाम लेना शुरू कर दिया। हर सुबह-शाम हम दोनों पति-पत्नी साथ बैठकर बाबा का जाप करने लगे—“जय बाबा मोहन राम 🔱🙏।” धीरे-धीरे मन का बोझ हल्का होने लगा। निराशा की जगह उम्मीद आने लगी। कुछ ही महीनों में चमत्कार हुआ—मेरी रिपोर्ट्स में सुधार दिखने लगा। डॉक्टर ने कहा कि अब सब सामान्य है। और फिर वही हुआ जिसका हम वर्षों से इंतज़ार कर रहे थे—मेरे गर्भवती होने की खबर आई। नौ महीने बाद हमारे घर एक सुंदर-सी बेटी का जन्म हुआ। पूरे परिवार में हर्ष और उल्लास छा गया। हमें लगा मानो जीवन का अधूरा हिस्सा पूरा हो गया हो। आज जब मैं अपनी बच्ची को देखती हूँ, तो मन बाबा के चरणों में झुक जाता है। यह सिर्फ़ दवा या इलाज का फल नहीं है—यह बाबा मोहन राम का आशीर्वाद है। मेरे अनुभव से यही सीख है—जब जीवन में कोई कमी या अधूरापन लगे, तो आस्था से बाबा को पुकारो। वे हर घर को पूर्णता देते हैं।
जय बाबा मोहन राम
नीले घोड़े वाले बाबा का धाम, काली खोली