जय बाबा मोहन राम

नीले घोड़े वाले बाबा का धाम, काली खोली

दुर्घटना से बचाव – बाबा की कृपा

लेखक: प्रियंका द्विवेदी· स्थान: आगरा, उत्तर प्रदेश· तिथि: 13-04-2022 300

कुछ महीने पहले की बात है। मैं रोज़ की तरह अपनी बाइक से ऑफिस जा रहा था। ट्रैफिक थोड़ा ज्यादा था, और सभी गाड़ियाँ तेजी से निकल रही थीं। अचानक सामने से आती एक बस ने बिना हॉर्न दिए अचानक मोड़ लिया। मैं पूरी तरह से घबरा गया—ऐसा लगा कि अब मेरी टक्कर होना निश्चित है। उस fraction of second में मैंने बस एक ही नाम लिया—“जय बाबा मोहन राम 🔱🙏।” अविश्वसनीय रूप से मेरी बाइक अचानक एक ओर खिसक गई। ऐसा लगा जैसे किसी ने अदृश्य शक्ति से हैंडल मोड़ दिया हो। बस मेरी बाइक को हल्का-सा छूकर निकल गई। मैं गिरा नहीं, और किसी बड़े हादसे से बच गया। लोगों ने आकर मुझे संभाला और कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूँ। लेकिन मैं जानता हूँ कि यह भाग्य नहीं था—यह बाबा मोहन राम की कृपा थी। उस दिन से मेरे जीवन का नज़रिया बदल गया। पहले मैं अक्सर सोचता था कि पूजा-पाठ केवल बड़ों की चीज़ है। लेकिन उस एक पल ने साबित कर दिया कि जब संकट आता है, तो बाबा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। आज मैं हर दिन ऑफिस जाने से पहले बाबा का नाम लेकर निकलता हूँ। घर में एक छोटा-सा मंदिर भी बनाया है, जहाँ रोज़ दीप जलाता हूँ। मन को शांति और आत्मविश्वास मिलता है। मेरे अनुभव से यही सीख है—संकट कभी भी, कहीं भी आ सकता है। लेकिन अगर श्रद्धा बाबा मोहन राम पर है, तो वे हर मुश्किल से सुरक्षित निकालते हैं।