जय बाबा मोहन राम

नीले घोड़े वाले बाबा का धाम, काली खोली

कर्ज़ से मुक्ति – बाबा की कृपा

लेखक: मुकुल मेहता· स्थान: दिल्ली· तिथि: 04-05-2025 356

कुछ समय पहले मेरा व्यापार इतना घाटे में चला गया कि मुझे भारी कर्ज़ लेना पड़ा। धीरे-धीरे कर्ज़ इतना बढ़ गया कि चुकाना नामुमकिन लगने लगा। उधार देने वाले रोज़ दरवाज़े पर आकर पैसे माँगते और अपमानित करते। दिन-रात चिंता और तनाव में बीतने लगे। मन में बार-बार यही सवाल आता—“क्या मैं कभी इस बोझ से मुक्त हो पाऊँगा?” एक दिन मेरे बड़े भाई ने कहा—“तुम बाबा मोहन राम की शरण लो। वे संकट हरते हैं।” मैंने भी हार मानकर बाबा का नाम लेना शुरू कर दिया। रोज़ दुकान खोलने से पहले बाबा का जाप करता और प्रार्थना करता—“हे बाबा, मुझे इस संकट से बाहर निकालो।” धीरे-धीरे व्यापार में सुधार आने लगा। कुछ बड़े ऑर्डर मिले और पुराने ग्राहक लौट आए। आश्चर्य की बात यह रही कि जिन लोगों ने पैसे अटकाए थे, वे खुद आकर उधार चुका गए। कुछ ही महीनों में मैं अपना सारा कर्ज़ चुका सका। जो असंभव लग रहा था, वह बाबा की कृपा से संभव हुआ। आज मैं न केवल कर्ज़ मुक्त हूँ बल्कि व्यापार भी फिर से मज़बूत हो गया है। परिवार में चैन और सुकून लौट आया है। मेरे अनुभव से यही सीख है—जब आर्थिक संकट इतना बड़ा हो जाए कि रास्ता न सूझे, तो बाबा पर भरोसा करो। वे कर्ज़, दुख और परेशानी सब मिटा देते हैं।