जय बाबा मोहन राम

नीले घोड़े वाले बाबा का धाम, काली खोली

ट्रेन छूटने से बची

लेखक: रश्मि सिंह· स्थान: आगरा, उत्तर प्रदेश· तिथि: 31-01-2025 40

मुझे बहुत ज़रूरी काम से जयपुर जाना था। स्टेशन पहुँचा तो ट्रेन छूटने ही वाली थी। भागकर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन मन में डर था कि शायद न चढ़ पाऊँ। मैंने बाबा का नाम लिया और अचानक ही किसी ने मेरा हाथ पकड़कर ऊपर खींच लिया। मैं सुरक्षित ट्रेन में चढ़ गया। आज भी सोचता हूँ कि वह मदद करने वाला व्यक्ति कहाँ से आया था। शायद वह बाबा का ही रूप था।