कुछ वर्ष पहले की बात है। मैं एक छोटा-सा व्यापार चलाता था। शुरुआत के दिनों में सब कुछ अच्छा चल रहा था, लेकिन अचानक परिस्थितियाँ ऐसी बदलीं कि व्यापार में लगातार घाटा होने लगा। ग्राहक कम हो गए, पुरानी उधार राशि फँस गई और बाज़ार में प्रतियोगिता बढ़ गई। दिन-रात चिंताओं में बीतने लगे। घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया। परिवार वालों की आँखों में निराशा और चिंता साफ़ झलकती थी। कई बार लगा कि शायद अब दुकान बंद करनी पड़ेगी और किसी नौकरी की तलाश करनी होगी। लेकिन मन में एक टीस थी—“क्या इतनी मेहनत करने के बाद भी सब व्यर्थ हो जाएगा?” इन्हीं दिनों एक करीबी मित्र ने मुझे सलाह दी—“तुम बाबा मोहन राम की शरण में जाओ। सच्चे मन से उनकी याद करोगे, तो राह ज़रूर निकलेगी।” पहले तो मैंने सोचा कि व्यापार की समस्या का धर्म से क्या संबंध? लेकिन जब हालात हाथ से निकलने लगे, तो मैंने भी आस्था का सहारा लेने का निश्चय किया। मैंने रोज़ सुबह-शाम अपने घर में बाबा मोहन राम का नाम जपना शुरू किया—“जय बाबा मोहन राम 🔱🙏।” दुकान खोलने से पहले अगरबत्ती और दीया जलाकर बाबा से प्रार्थना करता कि वे मेरे व्यापार को संभाल लें। धीरे-धीरे मन में अजीब-सी शांति और आत्मविश्वास आने लगा। फिर घटनाएँ ऐसी घटीं कि मानो बाबा ने खुद रास्ता बना दिया। एक दिन अचानक बाहर से आए कुछ ग्राहक मेरी दुकान पर आए। उन्हें माल पसंद आया और उन्होंने बड़ी मात्रा में ऑर्डर दिया। यह पहला संकेत था कि स्थिति बदल रही है। कुछ ही हफ्तों में पुराने ग्राहक भी वापस आने लगे। जिन लोगों ने महीनों से पैसे अटकाए थे, वे खुद आकर उधार चुका गए। ऐसा लगा मानो कोई अदृश्य शक्ति व्यापार की दिशा बदल रही हो। मेरे मन में गहरा विश्वास पैदा हो गया कि यह बाबा मोहन राम की ही कृपा है। पहले जहाँ मैं हर समय तनाव में डूबा रहता था, अब उत्साह और आशा से भरा रहने लगा। व्यापार धीरे-धीरे न केवल संभल गया बल्कि पिछले सालों से भी बेहतर होने लगा। आज मेरी दुकान पूरे क्षेत्र में जानी जाती है। पहले जो कर्मचारी छोड़कर जा चुके थे, वे भी वापस लौट आए। आर्थिक तंगी दूर हुई और घर में फिर से खुशहाली लौट आई। जब भी मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ तो सोचता हूँ—अगर उस कठिन समय में मैंने आस्था का सहारा न लिया होता, तो शायद हार मान लेता। लेकिन बाबा मोहन राम के नाम ने मुझे हिम्मत दी, धैर्य दिया और अंततः चमत्कारिक परिणाम भी दिए। मेरे इस अनुभव से यही सीख मिलती है कि चाहे व्यापार हो, नौकरी हो या जीवन का कोई और क्षेत्र—जब हालात बिगड़ जाएँ और रास्ता बंद लगे, तो निराश न हों। सच्चे मन से बाबा मोहन राम को पुकारिए। वे अवश्य आपके जीवन में प्रकाश और मार्गदर्शन देंगे।
जय बाबा मोहन राम
नीले घोड़े वाले बाबा का धाम, काली खोली