कुछ महीने पहले मैं काम से देर रात लौट रहा था। रास्ता सुनसान था और मोबाइल की बैटरी भी खत्म हो गई। जीपीएस बंद होने के कारण मैं अजनबी इलाके में भटक गया। घबराहट में मैंने बाबा मोहन राम का नाम लिया—“जय बाबा मोहन राम 🔱🙏।” उसी समय सामने से एक रिक्शेवाला आया, जिसने कहा कि वह मुझे मुख्य सड़क तक पहुँचा देगा। मैंने उसका रिक्शा लिया और सचमुच कुछ ही मिनटों बाद मैं सुरक्षित सड़क पर पहुँच गया। जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वह रिक्शेवाला कहीं दिखाई ही नहीं दिया। मन में गहरा विश्वास है कि वह कोई साधारण इंसान नहीं, बल्कि बाबा का रूप ही था।
जय बाबा मोहन राम
नीले घोड़े वाले बाबा का धाम, काली खोली