मैं कई सालों से नौकरी कर रहा था, लेकिन प्रमोशन नहीं मिल रहा था। कई बार योग्यता होते हुए भी मुझे नज़रअंदाज़ कर दिया जाता। मन में निराशा भर गई थी। मैंने बाबा मोहन राम की शरण ली और रोज़ उनसे यही प्रार्थना करने लगा कि “मेरा हक मुझे मिले।” कुछ ही महीनों में अचानक ऑफिस में नई पॉलिसी आई और मेरा प्रमोशन हो गया। यह सिर्फ़ संयोग नहीं था, यह बाबा मोहन राम की कृपा थी, जिसने मेरा सम्मान और आत्मविश्वास लौटाया।
जय बाबा मोहन राम
नीले घोड़े वाले बाबा का धाम, काली खोली